नई दिल्लीः साेशल मीडिया प्लेटफामॅ से टिकटॉक ऐप को गूगल के प्लेस्टोर और एपल के ऐप स्टोर ने भले ही हटा दिया गया हो लेकिन इससे ना तो लोगों पर कोई खास फर्क पड़ा है और ना ही इसे चलाने वाली कंपनी पर। भारत में टिकटॉक ऐप पर प्रतिबंध के बाद चाइनीज इंटरनेट टेक्नोलॉजी कंपनी बाइट डांस जो टिकटॉक की पेरेंट कंपनी है। उसने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की है। बाइट अगले तीन साल में 100 करोड़ डॉलर (करीब 7000 करोड़ रुपए) का निवेश करेगी।

बाइट डांस दुनिया की सबसे कीमती स्टार्टअप

बाइट डांस मौजूदा समय में दुनिया के सबसे कीमती स्टार्टअप्स में शामिल है। सॉफ्टबैंक, जनरल अटलांटिक, केकेआर और सिकोया इसके निवेशकों में शामिल हैं। बाइट डांस, टिकटॉक के अलावा हेलो और विगो वीडियो जैसे एप भी भारत में ऑपरेट करती है।

भारतीय यूजर्स के लिए प्रतिबद्धः बाइट डांस

बाइट डांस की डायरेक्टर (इंटरनेशनल पब्लिक पॉलिसी) हेलेना लेर्श्च ने कहा, ‘कंपनी कई महीनों से कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी को मजबूत करने में लगी है। भारत में टिकटॉक को लेकर मौजूदा घटनाक्रम से हम निराश जरूर हैं, लेकिन यह उम्मीद भी है कि हम इस मसले को सुलझा लेंगे। हम अपने भारतीय यूजर्स के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

कंटेंट को मॉडरेट करेंगे,गलतियां हटेंगी

हेलेना ने कहा कि भारत में इस साल के अंत तक कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या एक हजार तक पहुंचाएगी। इनमें से 25% यानी 250 लोग कंटेंट पर नजर रखेंगे। वे कंटेंट को मॉडरेट करेंगे और उसमें गलत सामग्री पाई गई तो उसे प्लेटफॉर्म से हटाएंगे। टिकटॉक के भारत में करीब 12 करोड़ यूजर हैं। यह युवाओं में काफी लोकप्रिय है।

गलत पाये गए कंटेंट को नहीं करेंगे अप्रूव

हेलेना ने कहा कि उनकी कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे कंटेंट को दो चरणों में परखा जाएगा। पहले चरण में मशीन लर्निंग के जरिए कंटेंट को जांचा जाएगा। इसके बाद मॉडरेशन के लिए रखे गए कर्मचारी भी इसकी जांच करेंगे। अगर कुछ गलत पाया गया तो कंटेंट को अप्रूव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में कम्यूनिटी गाइडलाइन पर खरा न उतरने के कारण 60 लाख से ज्यादा वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाया गया है।

हाल में भारत में टिकटॉक पर लगा प्रतिबंध

बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट ने 3 अप्रैल को अपने आदेश में केंद्र सरकार को टिकटॉक पर बैन लगाने को कहा था। कोर्ट का कहना था कि मीडिया रिपोर्ट से जाहिर है कि इस प्लेटफॉर्म पर पोर्नोग्राफिक और अनुचित कंटेंट मुहैया कराए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद गूगल और एपल जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने अपने-अपने ऑनलाइन स्टोर से टिकटॉक को हटा दिया। हालांकि, जिन लोगों ने पहले से यह ऐप डाउनलोड कर रखा है वे अब भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।