शिलॉगः नागरिकता विधेयक बिल लाकर अवैध घुसबैठिए को बाहर निकलवाने के वादे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जहां एक ओर लोकसभा चुनाव लड़ रही है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी के एक उम्‍मीदवार ने नागरिकता संशोधन विधेयक के लागू होने पर आत्महत्या करने की धमकी दे डाली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।

जान दे दूगां लेकिन बिल लागू नहीं होने दूंगा

गुरुवार को मेघालय के शिलॉन्ग से बीजेपी उम्‍मीदवा सनबोर शुल्लाई ने कहा कि जब तक जिंदा हूं, नागरिकता संशोधन विधेयक को लागू नहीं होने दूगां। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अपनी जान दे दूंगा। प्रधानमंत्री नरेंप्द्र मोदी के सामने आत्महत्या कर लूूंगा, लेकिन बिल को लागू नहीं दूगां।

अमित शाह ने किया वादा देशभर में लागू होगा एनआरसी

वहीं एक चूनावी रैली के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा आपसे वादा है कि हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए देशभर में एनआरसी को लागू करेंगे। ममता बनर्जी पर हमला करते हुए क‌हा उनकी तरह हम घुसपैठियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं करते। उन्होंने कहा कि हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश के हर एक हिंदू और बौद्ध शरणार्थी को नागरिकता मिले।

क्या है नागरिकता संशोधन विधेयक?

बता दें कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 का हाल ही में पूर्वोत्तर राज्यों और खासकर असम में बहुत विरोध हुआ। यह बिल लोकसभा में ‘नागरिकता अधिनियम’ 1955 में बदलाव के लिए लाया गया था। केंद्र सरकार ने इस विधेयक के जरिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैन, पारसियों और ईसाइयों को बिना वैध दस्तावेज के भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए उनके निवास काल को 11 वर्ष से घटाकर छह वर्ष कर दिया गया है। यानी अब ये शरणार्थी 6 साल बाद ही भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बिल के तहत सरकार अवैध प्रवासियों की परिभाषा बदलने के प्रयास में है।