नई दिल्ली : चुनावी वर्ष में तारीखाें के ऐलान के साथ ही सभी दल अपनी तैयरियों में लग गये है। सत्‍ताधारी भारतीय जनता पार्टी हो या विपक्षी कांग्रेस सभी लोग अपनी बिसात बिछाने लगे है। केई अपने लिए सुर‌िक्षत सीट तलाश रहा है तो कोई दो सीटों पर चुनाव लड०ने की तैयारी कर रहा है। चर्चा है कि अमेठी लोकसभा सीट से तीन बार के सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार किसी और सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल अमेठी के अलावा दक्षिण भारत की किसी सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी मांग कर रहे हैं कि उन्हें एक और सीट से उम्मीदवार बनना चाहिए। दक्षिण भारत से राहुल के चुनाव लड़ने की चर्चाओं से पहले ऐसे भी कयास लगाए जा रहे थे कि महाराष्ट्र की नांदेड़ सीट से या फिर मध्य प्रदेश की किसी सुरक्षित सीट से वह लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उन्हें कर्नाटक की किसी सीट से भी चुनाव लड़ना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की योजना यह है कि यदि राहुल गांधी एक और सीट से चुनाव लड़ते हैं तो उसके आसपास की सीटों पर भी माहौल बनेगा और कांग्रेस को बढ़त मिल सकेगी। खासतौर पर दक्षिण भारत में यदि राहुल अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं तो हिंदी पट्टी में कमजोर दिख रही कांग्रेस एक तरह से भरपाई की स्थिति में आ सकती है। बीते लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी और वड़ोदरा की दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ा था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा है कि अगर राहुल नांदेड़ से लड़ना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। उन्होंने कहा था, ‘राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं। वह किसी भी लोकसभा सीट से सफलतापूर्वक लड़ सकते हैं।’